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सुभद्रा हरण पर्व को न केवल आदि पर्व ग्रंथ का, बल्कि संपूर्णमहाभारतका सबसे महत्वपूर्ण अध्याय माना जा सकताहै। यह वह अध्याय है जिसके लिएपांडवराजकुमार,अभिमन्युका जन्म हुआ था और वह नायक था, जिसका पुत्रकलियुगकेभरत(भारत 3000 ईसा पूर्व) कापहला शासक बना। वास्तव में,अर्जुनवनवासके कारण कोभी यहां से अच्छी तरह पहचाना जा सकता है। द्रौपदी काशासनकरने परपांडवोंको भड़काने के लिएनारदमुनिके हस्तक्षेप का महान उद्देश्य भीसाझाकरण भी आंशिक रूप से ऐतिहासिक एपिसोड से पता लगाया जा सकता है। इस अध्याय में अर्जुन के द्वारका आने , उनके प्रभास में रहने, सुभद्रा हरण , यादवों को कृष्ण के सुझाव और अर्जुन की स्वीकृति के बारे में बताया गया है।
सुभद्रा हरण | Arjuna subhadra haran | shri Krishna Leela
सुभद्रा हरण पर्व को न केवल आदि पर्व ग्रंथ का, बल्कि संपूर्णमहाभारतका सबसे महत्वपूर्ण अध्याय माना जा सकताहै। यह वह अध्याय है जिसके लिएपांडवराजकुमार,अभिमन्युका जन्म हुआ था और वह नायक था, जिसका पुत्रकलियुगकेभरत(भारत 3000 ईसा पूर्व) कापहला शासक बना। वास्तव में,अर्जुनवनवासके कारण कोभी यहां से अच्छी तरह पहचाना जा सकता है। द्रौपदी काशासनकरने परपांडवोंको भड़काने के लिएनारदमुनिके हस्तक्षेप का महान उद्देश्य भीसाझाकरण भी आंशिक रूप से ऐतिहासिक एपिसोड से पता लगाया जा सकता है। इस अध्याय में अर्जुन के द्वारका आने , उनके प्रभास में रहने, सुभद्रा हरण , यादवों को कृष्ण के सुझाव और अर्जुन की स्वीकृति के बारे में बताया गया है।